बताते चलें कि बीते 20 अप्रैल को चेती गांव में बारात सम्मिलित होने लाल बहादुर यादव वंशगोपालपुर थाना लाइन बाजार का मोटरसाइकिल किसी ने चुरा लिया गया। अभी तक किसी भी चोरी का खुलासा नहीं किया जा सका है। वहीं 28 अप्रैल कि बीती रात पदुमपुर ग्रामसभा में ओम प्रकाश वनवासी के घर में कुछ अराजक तत्वों द्वारा आग लगा दी जाती है जिससे पीड़ित की झोपड़ी जलकर राख में तब्दील हो गयी। इस दौरान पीड़ित ने आरोप भी लगाये कि कुछ लोगों ने उसे कुछ दिन पहले धमकी दी थी। कहा था कि घर खाली कर दो, अन्यथा.....।
पीड़ित ने उन्हीं पर आरोप लगाते हुये नामजद तहरीर भी दिया परंतु पीड़ित का आरोप है कि इस घटना में भी थानाध्यक्ष सुजानगंज द्वारा कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया जिससे आये दिन मनबढ़ अपराधी अपराधिक घटनाओं को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
थानाध्यक्ष सुजानगंज अमित पांडेय की कार्यप्रणाली से जनता में असंतोष दिखाई दे रहा है। थानाध्यक्ष की निरंकुशता का परिणाम है कि आये दिन सुजानगंज में कोई ना कोई घटनाएं सामने आ रही हैं जिससे क्षेत्र में भय का माहौल व्याप्त है।
इस बाबत थानाध्यक्ष सुजानगंज से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि दोनों चोरी के मामले में मुकदमा दर्ज है परंतु समाचार लिखे जाने तक मोहरियांव ग्रामसभा के चोरी मामले में मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ था। पीड़ित से वार्ता के दौरान पीड़ित ने बताया कि अभी ऐसा कुछ मुझे न बताया गया है और न ही अभी तक दर्ज मुकदमे की कॉपी मिली है। फिलहाल अब इसमें सही क्या है, यह अंधकार में है।
