इस मौके पर श्री हरीमूर्ति ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का प्रोटोकॉल वैश्विक स्तर पर अभ्यास के लिए बहुत ही सुव्यवस्थित ढंग से बनाया गया है। आज वैश्विक स्तर पर जिन जिन मनोदैहिक समस्याओं से व्यक्ति निजात पाना चाहता है। उन्हीं को दृष्टिगत रखते हुए यह अंतराष्ट्रीय योग दिवस के प्रोटोकॉल का निर्माण किया गया है। प्रोटोकॉल के तहत शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्वस्थ रखने के लिए सरल और सहज ढंग से करनें वाले व्यायामों के साथ आसनों के साथ ध्यान और प्राणायामों को सम्मिलित किया गया है।
सर्वाइकल, स्पोंडिलाइटिस, गर्दन और कंधों से संबंधित समस्याओं के समाधान के लिए खड़े होकर सरल और सहज व्यायामों के साथ ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन के साथ चक्रासन और पादहस्तासन का अभ्यास कराया जाता है। इसके अतिरिक्त बैठकर और लेटकर अनेकानेक प्रकार के आसनों के साथ ध्यान और प्राणायामों का अभ्यास कराया जाता है। उक्त अवसरों पर तमाम लोगों की उपस्थिति रही।
