जौनपुर। मेहनत, नवाचार और सरकारी योजनाओं का सही उपयोग किसी भी किसान की तकदीर बदल सकता है। इसका जीवंत उदाहरण जौनपुर के सिकरारा विकास खंड के विशुनपुर (लाला बाजार) गांव निवासी प्रगतिशील किसान सूर्यभान यादव हैं। उन्होंने उद्यान विभाग के तकनीकी सहयोग और अपने निजी प्रयासों से 140 दुर्लभ एवं उन्नत किस्मों का एक अनूठा मॉडल आम बाग विकसित किया है, जो आज पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया है।
सूर्यभान यादव लंबे समय से खेती और बागवानी से जुड़े हैं। उनके पास पहले से पारंपरिक आम का बाग था, लेकिन उन्होंने इसे आधुनिक तकनीकों और दुर्लभ प्रजातियों के माध्यम से नई पहचान देने का संकल्प लिया। इस कार्य में उनके पुत्र अनिल यादव की बागवानी के प्रति रुचि ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उन्होंने देश-विदेश की विभिन्न आम प्रजातियों के बारे में जानकारी जुटाकर अपने एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैले बाग में करीब 140 किस्मों का संग्रह और संरक्षण किया। इस बाग में मियाजाकी, कियो सैतो कप्पात, रेड आइवरी, ब्लूई किंग, एप्पल मैंगो, ताइवानी रेड सहित कई दुर्लभ और उन्नत प्रजातियां सफलतापूर्वक तैयार की गई हैं। यह बाग आज आधुनिक बागवानी और जैव विविधता संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है।
सूर्यभान यादव के इस प्रयास को सफल बनाने में उद्यान विभाग ने भी महत्वपूर्ण सहयोग दिया। विभाग ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) द्वारा विकसित विशेष आम के पौधे उपलब्ध कराए। साथ ही ड्रिप सिंचाई प्रणाली स्थापित कराई, जिससे पानी की बचत के साथ पौधों की बेहतर वृद्धि सुनिश्चित हुई।
जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए वर्मी कम्पोस्ट बेड भी स्थापित कराया गया, जिससे किसान स्वयं जैविक खाद तैयार कर रहे हैं। उद्यान विभाग के विशेषज्ञ समय-समय पर बाग का निरीक्षण कर वैज्ञानिक छंटाई, कीट एवं रोग प्रबंधन तथा अल्ट्रा हाई डेंसिटी प्लांटेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी देते रहे हैं।
आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन का परिणाम यह है कि इस बाग से प्रतिवर्ष लगभग 200 कुंतल आम का उत्पादन प्राप्त हो रहा है। सूर्यभान यादव को इससे करीब छह लाख रुपये की सकल वार्षिक आय होती है। लगभग 80 हजार रुपये की लागत निकालने के बाद उन्हें करीब चार लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हो रहा है। कम लागत और अधिक मुनाफे का यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणादायक बन गया है।
आज सूर्यभान यादव का बाग एक "डेमोंस्ट्रेशन हब" के रूप में विकसित हो चुका है, जहां विभिन्न क्षेत्रों से किसान पहुंचकर आधुनिक बागवानी तकनीकों, दुर्लभ आम की प्रजातियों और सरकारी योजनाओं के प्रभावी उपयोग की जानकारी प्राप्त करते हैं। मुख्य विकास अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी सहित उद्यान विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इस बाग का निरीक्षण कर इसकी सराहना कर चुके हैं।
उनके उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए सूर्यभान यादव का नाम "उत्तर प्रदेश आम महोत्सव-2026" में सम्मानित किए जाने के लिए भी प्रस्तावित किया गया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी मेहनत की पहचान है, बल्कि जौनपुर के किसानों के लिए भी गर्व का विषय है।
सूर्यभान यादव ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मेहनत के साथ-साथ शासन-प्रशासन और उद्यान विभाग के सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी एवं विभागीय अधिकारियों के निरंतर मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से ही उनके बाग को नई पहचान मिली है। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि किसानों को इसी प्रकार तकनीकी सहयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता रहा तो कृषि और बागवानी के क्षेत्र में और बेहतर परिणाम सामने आएंगे।
