ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने वर्तमान में मिलने वाले 6000 रुपये मासिक मानदेय को बढ़ाकर सम्मानजनक वेतन निर्धारित करने की मांग की। साथ ही राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम कुशल मजदूरी दर लागू किए जाने की भी मांग उठाई।
पंचायत सहायकों ने अनुबंध व्यवस्था समाप्त कर उन्हें नियमित एवं स्थायी राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। इसके अलावा पंचायत भवनों में सुचारू रूप से कार्य करने के लिए स्मार्टफोन, इंटरनेट रिचार्ज, ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली तथा आवश्यक स्टेशनरी उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि मानदेय का भुगतान समय पर डीबीटी के माध्यम से सीधे बैंक खातों में किया जाए। साथ ही सभी पंचायत सहायकों और उनके आश्रित परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़कर स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ प्रदान किया जाए।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी राकेश मिश्रा ने बताया कि पंचायत सहायकों का ज्ञापन प्राप्त कर उसे उच्च अधिकारियों को भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि ब्लॉक स्तर पर जिन समस्याओं का समाधान संभव है, उनके लिए एडीओ पंचायत और संबंधित सचिवों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।
