धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव धाम वेलवाई में भगवान भुवनेश्वरनाथ महादेव स्वयंभू रूप में प्रकट हुए थे। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से जलाभिषेक और पूजा-अर्चना करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इसी आस्था के चलते सुबह से देर शाम तक भक्तों का तांता लगा रहता है।
मलमास के दौरान श्रद्धालु भगवान शिव को हलवा-पूरी समेत विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित कर रहे हैं। दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम भी लगातार जारी है।
मंदिर के आसपास लगे मेले में महिलाओं की श्रृंगार सामग्री, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और कृषि कार्य से जुड़े सामानों की दुकानों पर भी लोगों की भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ मेले का आनंद लेते हुए खरीदारी भी कर रहे हैं।
शिव धाम परिसर में भगवान शिव के अलावा बजरंगबली, शनिदेव, मां अंबे तथा अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी श्रद्धा के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। भक्त मुख्य मंदिर में दर्शन के बाद अन्य मंदिरों में भी मत्था टेककर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर रहे हैं।
देव दीप उत्थान सेवा समिति के सचिव एवं पूर्व प्रधान दिलीप मोदनवाल ने बताया कि शिव धाम वेलवाई एक प्राचीन और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है, जहां मलमास के पूरे माह श्रद्धालुओं का आगमन बना रहता है। उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी को देखते हुए समाजसेवी आनंद अग्रहरि द्वारा मंदिर के गर्भगृह में एसी की व्यवस्था कराई गई है, जिसकी श्रद्धालु सराहना कर रहे हैं।
