ज्ञापन में बताया गया कि खेतासराय रेलवे स्टेशन पर पहले जिन महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव होता था, उनमें से कई का स्टॉपेज समाप्त कर दिया गया है। इसके कारण क्षेत्र के यात्रियों को अन्य स्टेशनों तक जाकर ट्रेन पकड़नी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने स्टेशन की अन्य समस्याओं की ओर भी ध्यान आकर्षित किया। उनका कहना था कि टिकट काउंटर की व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, जिससे यात्रियों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ता है। इसके अलावा पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, प्रतीक्षालय, शौचालय और सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।
डॉ. गजेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि क्षेत्र की आबादी और यात्रियों की संख्या को देखते हुए प्रमुख ट्रेनों का ठहराव बहाल किया जाना आवश्यक है। वहीं मनीष गुप्ता ने कहा कि रेलवे स्टेशन किसी भी क्षेत्र के विकास और आवागमन का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, इसलिए यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी चाहिए।
राज्यमंत्री गिरिश चंद्र यादव ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि मामले को रेलवे अधिकारियों और संबंधित विभाग के समक्ष उठाया जाएगा। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया।
मुलाकात के दौरान क्षेत्र की अन्य जनसमस्याओं और रेलवे से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि इस पहल के बाद रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं में सुधार और ट्रेनों के ठहराव को लेकर सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
