पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक केराकत अपनी टीम के साथ मोहर्रम पर्व को देखते हुए क्षेत्र में चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान गौराबादशाहपुर थाना प्रभारी से सूचना मिली कि बगथरी नहर पुलिया पर चेकिंग के समय दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी और केराकत की ओर फरार हो गए।
सूचना मिलते ही केराकत पुलिस ने मल्लूपुर नहर पुलिया के पास घेराबंदी कर दी। पुलिस ने संदिग्ध मोटरसाइकिलों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की, जिसमें गैंग लीडर शैलेश यादव के बाएं पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने मौके से पीयूष यादव, करन यादव तथा एक बाल अपचारी को भी गिरफ्तार कर लिया।
घायल शैलेश यादव को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में अस्पताल भेजा गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी मिलकर अवैध असलहों की खरीद-बिक्री करते हैं और घटना वाले दिन भी बड़ी मात्रा में हथियार बेचने जा रहे थे। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 देशी तमंचे (.315 बोर), तीन देशी पिस्टल (.32 बोर), दो खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, एक मिस कारतूस, दो मोटरसाइकिल (एक अपाचे और एक बिना नंबर प्लेट की हीरो स्प्लेंडर) तथा तीन एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। दोनों मोटरसाइकिलों को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
पुलिस ने इस मामले में थाना केराकत पर बीएनएस की धारा 109(1) एवं शस्त्र अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग लीडर शैलेश यादव के खिलाफ जौनपुर, गाजीपुर और आजमगढ़ के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी, अवैध हथियारों की तस्करी, गैंगस्टर एक्ट और गुंडा एक्ट समेत 16 से अधिक आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
इस पूरी कार्रवाई को प्रभारी निरीक्षक अरविन्द कुमार पाण्डेय, थानाध्यक्ष गौराबादशाहपुर गंगासागर मिश्रा, अपराध निरीक्षक द्वारिकानाथ यादव, केराकत एवं गौराबादशाहपुर पुलिस, स्वाट/एसओजी और सर्विलांस टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।
