महापरिषद के जिलाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव ने बताया कि संगठन की बैठक में लिए गए संकल्प के अनुसार सवा माह तक प्रतिदिन मंदिर में आरती का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को भगवान चित्रगुप्त का विशेष श्रृंगार कर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया।
श्रृंगार एवं पूजा-अर्चना का दायित्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सोमेश श्रीवास्तव और संगठन महामंत्री अभिलव श्रीवास्तव ने निभाया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी अस्थाना, मीडिया प्रभारी विश्व प्रकाश श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव एडवोकेट, श्री चित्रगुप्त सभा के अध्यक्ष रमेंद्र नाथ श्रीवास्तव एडवोकेट सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
धर्मशाला अध्यक्ष रमेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर प्रातः 6 बजे से 10 बजे तक तथा शाम 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक दर्शनार्थियों के लिए खुला रहता है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में पंखा और प्रकाश व्यवस्था भी कराई गई है।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता सरस चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि भगवान चित्रगुप्त न्याय, लेखनी और कर्मों के लेखा-जोखा के देवता हैं। उन्होंने सभी लोगों से समय निकालकर मंदिर में दर्शन-पूजन करने और धार्मिक आयोजनों में भाग लेने की अपील की।
कार्यकारी जिलाध्यक्ष अश्विनी अस्थाना, शैलेन्द्र मोहन श्रीवास्तव तथा रूपेश श्रीवास्तव ने भी सर्वसमाज से आरती में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
