जौनपुर। डॉक्टर्स डे के अवसर पर श्री कृष्णा न्यूरो एवं मानसिक रोग चिकित्सालय के डायरेक्टर डॉ. हरिनाथ यादव ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य आज वैश्विक स्तर पर तेजी से उभरती गंभीर चुनौती बन चुका है। उन्होंने बताया कि डिप्रेशन, एंग्जायटी, बाइपोलर डिसऑर्डर, सिजोफ्रेनिया और मेनिया जैसी मानसिक बीमारियों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। बदलती जीवनशैली, सामाजिक दबाव और अनियमित दिनचर्या इसके प्रमुख कारण हैं।
डॉ. यादव ने कहा कि युवाओं में मोबाइल, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत मानसिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। वहीं कामकाजी लोगों में बढ़ता तनाव और बुजुर्गों में डिमेंशिया जैसी समस्याएं भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक बीमारियों को अंधविश्वास या सामाजिक कलंक की नजर से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखने की जरूरत है।
उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीकों जैसे rTMS, बायोफीडबैक थेरेपी, मल्टी बिहेवियर थेरेपी (MBT), ईईजी और एनसीएस जांच के माध्यम से मानसिक रोगों का प्रभावी उपचार संभव है। उन्होंने लोगों से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने की अपील की।
