जौनपुर। लाइन बाजार थाना पुलिस ने फर्जी मल्टी लेवल मार्केटिंग और पिरामिड चेन नेटवर्क के जरिए बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में भी सक्रिय बताया जा रहा है और बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाकर ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 11 मोबाइल फोन, एक महिंद्रा थार कार, एक बुलेट, एक पल्सर मोटरसाइकिल, नकदी तथा कंपनी से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही ठगी के जाल में फंसे करीब 30 युवक-युवतियों को सुरक्षित मुक्त कराया गया।
पुलिस के अनुसार आरोपी मे अर्थ इंटरप्राइजेज के नाम से फर्जी कंपनी संचालित कर एक कंपनी की फ्रेंचाइजी के जरिए युवाओं को 25 हजार प्रतिमाह नौकरी का लालच देकर वाराणसी बुलाते थे। वहां कॉरपोरेट ऑफिस जैसा माहौल तैयार कर इंटरव्यू लिया जाता था और रजिस्ट्रेशन के नाम पर प्रत्येक युवक से 30 से 35 हजार तक वसूले जाते थे। इसके बदले उन्हें मामूली सामान की किट देकर ट्रेनिंग सेंटर भेज दिया जाता था।
जांच में सामने आया कि ट्रेनिंग के दौरान युवाओं का ब्रेनवॉश कर उनसे अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को इस नेटवर्क से जोड़ने का दबाव बनाया जाता था। प्रत्येक सदस्य को तीन नए लोगों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। लक्ष्य पूरा न करने पर वेतन और जमा धनराशि वापस न करने की धमकी दी जाती थी। जांच में मुख्य आरोपी राहुल राजभर के बैंक खाते में करीब 34 करोड़ रुपये के लेन-देन की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों में राहुल राजभर, संतोष कुमार पटेल, हवलदार पाल, प्रदीप पाल, चंदन दोहरे, रितेश राजभर और अरविंद राजभर शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है तथा इस नेटवर्क से जुड़े आर्थिक लेन-देन की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं क्षेत्राधिकारी नगर के पर्यवेक्षण में थाना लाइन बाजार पुलिस टीम द्वारा की गई।