किसानों की फसलों को कर रहे भारी नुक़सान, मक्का की खेती से किसान हो रहे दूर


किसानों की फसलों को कर रहे भारी नुक़सान, मक्का की खेती से किसान हो रहे दूर

खुटहन, जौनपुर। विकास खंड के दर्जनों गांवों में छुट्टा और निराश्रित गोवंशीय किसानों की लहलहाती फसलों के लिए मुसीबत बनने के साथ जानलेवा भी साबित हो रहे हैं। इनके हमले और इनसे होने वाले सड़क हादसों में एक वर्ष के भीतर चार लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका जिला अस्पताल से लेकर बीएचयू और पीजीआई तक उपचार कराया गया। तब जाकर उनकी जान बच पाई थी।

पहली घटना गुलालपुर गांव के मल्हनी मार्ग पर  छुट्टा पशु से टकराकर बाइक सवार 45 वर्षीय सत्य प्रकाश विश्वकर्मा की मौत हो गई। हादसे से एक दिन पहले ही उनके वृद्ध पिता रामकुबेर विश्वकर्मा का हृदयाघात से निधन हुआ था। पिता की मौत के दूसरे दिन पुत्र की हादसे में मौत से परिवार में कोहराम मच गया था।

वहीं, ओईना गांव निवासी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरि प्रसाद पाण्डेय (70) की भी आवारा पशु के हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पीजीआई लखनऊ में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। मैदासपट्टी गांव निवासी दयाराम यादव की भी सांड के हमले में जान जा चुकी है।

ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में कई लोग छुट्टा गोवंशीय के हमले में घायल हो चुके हैं। किसानों का कहना है कि मवेशी अब धान की फसल भी चरने लगे हैं। इनके डर से किसान मक्का की खेती बहुत कम कर रहे हैं। सरकार की ओर से गोवंशीय को पशुशालाओं में रखने और उनके भरण-पोषण के लिए धन उपलब्ध कराया जा रहा है, बावजूद इसके बड़ी संख्या में मवेशी खुले में घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।

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