जौनपुर। तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ जौनपुर ट्रैफिक पुलिस ने अभियान तेज कर दिया है। इंटरसेप्टर वाहन की मदद से पिछले 24 दिनों में 1500 से अधिक वाहनों का चालान किया गया है। कार्रवाई की जद में ट्रक, कार और दोपहिया वाहन भी शामिल हैं।
ट्रैफिक पुलिस प्रमुख मार्गों और हाईवे पर इंटरसेप्टर वाहन के जरिए वाहनों की गति पर नजर रख रही है। आधुनिक उपकरणों से लैस यह वाहन निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में चलने वाले वाहनों की पहचान करता है। इसके बाद संबंधित वाहन का चालान किया जाता है।
ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज पांडेय ने बताया कि इंटरसेप्टर वाहन से प्रतिदिन औसतन 40 से 50 ओवरस्पीड वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाने पर 2000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। बार-बार नियम तोड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
ट्रैफिक पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में तेज रफ्तार एक प्रमुख कारण है। हाईवे और खुले मार्गों पर अक्सर वाहन चालक निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इंटरसेप्टर वाहन से हो रही कार्रवाई के बाद तेज गति से वाहन चलाने वाले चालकों में सतर्कता बढ़ी है।
खास बात यह है कि जौनपुर ट्रैफिक पुलिस को इंटरसेप्टर वाहन के लिए करीब आठ वर्षों तक इंतजार करना पड़ा। पिछले कई वर्षों से इसके लिए प्रस्ताव भेजे जा रहे थे, लेकिन वाहन की अधिक कीमत के कारण इसकी सुविधा नहीं मिल पा रही थी। अब इंटरसेप्टर वाहन मिलने के बाद ओवरस्पीड वाहनों पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि तेज रफ्तार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सुरक्षित यातायात में सहयोग करें।
