जौनपुर। श्रमिकों एवं कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को 22 सूत्रीय ज्ञापन सौंंपा। ज्ञापन के माध्यम से आठवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू करने, न्यूनतम वेतन 72,000 करने, आशा, आशा संगिनी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को सम्मानजनक मानदेय व सामाजिक सुरक्षा देने, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का उत्पीड़न रोकने, NHM कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने तथा 108 एवं 102 एम्बुलेंस कर्मियों की बहाली की मांग प्रमुख रूप से रखी गई। साथ ही पटरी-रेहड़ी दुकानदारों, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों, दिहाड़ी व कृषि मजदूरों तथा असंगठित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बैंकों में 5-दिवसीय कार्य प्रणाली, सहकारी बैंकों के वेतन पुनरीक्षण, मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल, सरकार सेफर्स के लिए रिटायरमेंट पेंशन योजना एवं परिवार के सदस्यों के लिए मेडिकल लाभ योजना शुरू करने की मांग की गई।
इस दौरान उत्तर प्रदेश विद्युत मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री विवेक सिंह ने कहा कि श्रमिकों की न्यायोचित मांगों का शीघ्र समाधान होना चाहिए। जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिक हितों के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा। जिला मंत्री शेषनाथ पाठक ने कहा कि महंगाई के दौर में श्रमिकों को सम्मानजनक वेतन, रोजगार की सुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा मिलना आवश्यक है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष राघवेंद्र उपाध्याय ने सरकार से 22 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग किया। इस अवसर पर प्रणव जी, रंजन जी, अभिषेक जी, प्रवीन जी, शुभम पाठक सहित तमाम लोग उपस्थित रहे।
