खुटहन, जौनपुर। स्थानीय विकास खण्ड परिसर में साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों एवं फरियादियों में नाराजगी है। परिसर के विभिन्न हिस्सों में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखाई देने से स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। ब्लॉक कार्यालय में अपने काम से आने वाले ग्रामीणों को गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि खंड विकास अधिकारी नीरज जायसवाल के कार्यभार संभालने के बाद से ब्लॉक परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था अपेक्षित स्तर पर नहीं है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। लोगों का कहना है कि नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि सरकारी कार्यालय परिसर में आने वाले लोगों को असुविधा न हो।
लाखों से लगा शीतल जल प्लांट मगर पानी के लिये भटक रहे लोग
ब्लाक परिसर में लोगों को शीतल पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाया गया शीतल जल प्लांट भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्लांट लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहा है और लोगों को सामान्य पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है। भीषण गर्मी में दूर-दराज से ब्लॉक कार्यालय पहुंचने वाले ग्रामीणों और फरियादियों के लिए पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध न होना चिंता का विषय है। लोगों का सवाल है कि जब सरकारी धन खर्च कर जनसुविधा के लिए प्लांट लगाया गया है तो उसका नियमित संचालन क्यों नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों ने कहा— मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी
ग्रामीणों ने ब्लॉक परिसर में नियमित साफ-सफाई कराने, कूड़े का तत्काल निस्तारण कराने और शीतल जल प्लांट को चालू कराकर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की मांग किया है। लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में आने वाले आम नागरिकों को स्वच्छ वातावरण और मूलभूत सुविधाएं मिलना जरूरी है। अब देखना यह है कि संबंधित अधिकारी ब्लॉक परिसर की सफाई और पेयजल व्यवस्था को लेकर कब तक प्रभावी कदम उठाते हैं और बंद पड़े शीतल जल प्लांट का लाभ आम जनता को कब मिल पाता है?


