Jaunpur News : ड्रैगन फ्रूट की खेती से बदली किसान की तकदीर


अर्पित ने आधुनिक खेती से बनाई नई पहचान

जौनपुर। मुफ्तीगंज ब्लॉक के पसेरा गांव निवासी युवा किसान अर्पित मेस्सी ने पारंपरिक खेती से अलग हटकर ड्रैगन फ्रूट की व्यावसायिक खेती शुरू कर सफलता की नई राह बनाई है। खेती में कुछ नया करने की चाह और बाजार में ड्रैगन फ्रूट की बढ़ती मांग को देखते हुए उन्होंने बागवानी को अपनाया। आज उनकी खेती क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनी हुई है। अर्पित मेस्सी ने बताया कि पारंपरिक फसलों में लागत अधिक और मुनाफा कम होने के कारण उन्होंने कुछ अलग करने का फैसला किया। ड्रैगन फ्रूट के स्वास्थ्य लाभ और बाजार में इसकी अच्छी मांग को देखते हुए उन्होंने इसकी व्यावसायिक खेती शुरू की। शुरुआत में चुनौतियां थीं, लेकिन उन्होंने आधुनिक तकनीक सीखकर खेती को आगे बढ़ाया।

उद्यान विभाग ने दिया पूरा सहयोग

अर्पित को जिला उद्यान विभाग से खेती की तकनीकी जानकारी और आवश्यक मार्गदर्शन मिला। विभाग की ओर से ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ड्रिप सिंचाई की सुविधा 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराई गई। इससे सिंचाई के साथ उर्वरक का बेहतर प्रबंधन  करने में मदद मिली और खेती की लागत को नियंत्रित करना आसान हुआ। अर्पित ने अपने खेत में ड्रैगन फ्रूट की अच्छी गुणवत्ता वाले करीब तीन हजार पौधे लगाए हैं। पौधों को सहारा देने के लिए खेत में 750 सीमेंट के पिलर लगाए गए हैं। इन पिलरों पर ड्रैगन फ्रूट के पौधों को आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। ड्रैगन फ्रूट कैक्टस प्रजाति का पौधा है और रोपण के करीब डेढ़ से दो वर्ष बाद फल देना शुरू कर देता है।

हर साल 50 क्विंटल उत्पादन का अनुमान

अर्पित के बगीचे से हर वर्ष करीब 50 क्विंटल ड्रैगन फ्रूट उत्पादन का अनुमान है। स्थानीय बाजार में इसकी थोक कीमत करीब 160 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रही है। अर्पित के अनुसार उन्हें फल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो रही है। छोटे व्यापारी खेत से ही ड्रैगन फ्रूट खरीद ले जाते हैं। खर्च निकालने के बाद सालाना करीब पांच लाख रुपये शुद्ध लाभ होने का अनुमान है। अर्पित मेस्सी केवल ड्रैगन फ्रूट तक सीमित नहीं हैं। वह एकीकृत खेती के तहत मुर्गी पालन, सौर ऊर्जा से खेती, सब्जियों की अंतरवर्ती खेती और ग्राफ्टेड बैंगन का उत्पादन भी कर रहे हैं। उनके खेत में भिंडी और पपीते की खेती भी की जा रही है। इसके अलावा वह ड्रैगन फ्रूट के पौधों का उत्पादन कर उनकी बिक्री भी कर रहे हैं। उनकी आधुनिक खेती को देखने और तकनीक सीखने के लिए आसपास के क्षेत्रों से किसान पहुंच रहे हैं। अर्पित मेस्सी का कहना है कि यदि किसान में कुछ नया करने का हौसला हो और सरकारी योजनाओं का सही दिशा में लाभ मिले तो खेती घाटे का सौदा नहीं है। आधुनिक तकनीक और बेहतर बाजार व्यवस्था के सहारे किसान खेती को लाभदायक व्यवसाय बना सकते हैं।
और नया पुराने

Contact us for News & Advertisement

Profile Picture

Ms. Kshama Singh

Founder / Editor

Mo. 9324074534