जफराबाद।क्षेत्र के कजगाव (राजेपुर पोखरे) पर लगने वाला कजरी का मेला बुधवार को सम्पन्न हुआ।सदियों बाद भी एक बार फिर बिना दुल्हन के दूल्हे और बाराती लौट गए।
ठीक चार बजे पहले राजेपुर गांव की तरफ से बारात दूल्हे के साथ गाजे बाजे के साथ पोखरे के पूर्वी तट पर पहुंची।दूल्हा रवि सोनकर रथ पर सवार था।बाराती जमकर नाच रहे थे।उसके थोड़ी देर बाद कजगाव कि तरफ से बारात आना शुरू हुई।हजारों की संख्या में बाराती पहुंचे।उनके साथ घोड़े व रथ पर दूल्हे पिंटू सोनकर,करिया, रहीस,राजेश राजभर,पुचुन राजभर रथ और घोड़े के साथ पहुंच गए।डीजे व भांगड़ा तथा बैंडबाजे के साथ लोग जमकर थिरक रहे थे।उसके बाद पोखरे पश्चिमी छोर पर एक एक कर सारे दूल्हे अपने सहयोगी बल्हे व पण्डित के साथ खड़े हो गए।उसके बाद शुरू हुआ मेले का मुख्य स्वरूप।दोनो तरफ से अश्लील इशारों व गन्दी गालियां दी जाने लगी।मेले में मौजूद हजारो स्त्री पुरुष इसके गवाह बने।यह सिलसिला लगभग दो घण्टे से ज्यादा चला।उसके बाद दोनों तरफ के दूल्हे व बाराती बिना दुल्हन के घर लौट गए।मेले में लोगों ने जमकर मौज उड़ाया।महिलाओं ने सौंदर्य प्रसाधन का सामान खरीदने तथा मेले में आये झूलो में बैठकर झूलने में दिलचस्पी दिखायी।वही बच्चों ने खिलौने खरीदे।बुजुर्गों ने गृहस्थी का सामान खरीदा।मेले की व्यवस्था में नगर पंचायत के चेयरमैन फिरोज खान,छोटेलाल यादव,अबरार शाह,आनंद राव,हरिकेष सिंह,सत्यम यादव,आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।संचालन आनंद कुमार व देवेंद्र सिंह ने किया।वही सुरक्षा की दृष्टि से कई थानों की फोर्स लगाई गई थी।थानाध्यक्ष मिथिलेश तिवारी,एस आई मुख्तार राम,प्रभाकर सिंह आदि के साथ लगातार मेले का चक्रमण करते रहे।