मुंबई। पवित्र पर्युषण महापर्व के अवसर पर दादर स्थित अटलांटिक प्लाजा में जैन श्रावक-श्राविकाओं के लिए पिछले पांच वर्षों से सेवाकार्य के रूप में संचालित चोवीहार हाउस का पांचवें वर्ष में भव्य शुभारंभ किया गया। चोवीहार हाउस का उद्घाटन दादर के विधायक कालिदास कोलंबकर, श्री वर्धमान श्रुतगंगा के अध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह, जैन अल्पसंख्यक सेवा संस्था के महिला विभाग की अध्यक्षा अल्पा संजय शाह, अटलांटिक प्लाजा के चेयरमैन भावेश कोटक तथा विनोद गोशालिया सहित गणमान्य लोगों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर समिति की ओर से संजय शाह तथा अल्पा संजय शाह का सम्मान भी किया गया। चोवीहार हाउस के पांचवें वर्ष के मुख्य लाभार्थी के रूप में विनोदभाई गोशालिया परिवार (निर्वाण फैब) ने सहयोग प्रदान किया है। पर्युषण महापर्व के दौरान रात्रिभोजन का त्याग कर चोवीहार का पालन करने वाले जैन श्रद्धालुओं के लिए यहां एकासण, बियासण तथा उबले हुए पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रतिदिन लगभग 800 से 900 जैन श्रद्धालु इस सेवाकार्य का लाभ लेते हैं। उपवास करने वाले श्रद्धालुओं का भी प्रभावना स्वरूप सम्मान किया जाता है।
चोवीहार हाउस केवल धार्मिक सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों के पांजरापोल को सहायता देने तथा विभिन्न सामाजिक सेवाकार्यों से भी जुड़ा हुआ है। चोवीहार हाउस रविवार और संवत्सरी के दिन बंद रहेगा। इस अवसर पर समाजसेवा और जीवदया के क्षेत्र में कार्यरत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें प्रवीण मोरबिया, प्रवीण गाला, सुनील छेड़ा, गिरीश सत्रा, मुकेश कोटक, निखिल एरा और वीरभाई (हंसा) सहित प्रमुख लोग तथा सेवाभावी कार्यकर्ता शामिल थे। चोवीहार हाउस की सफलता के पीछे अटलांटिक प्लाजा के अध्यक्ष हरेश पटेल, चेयरमैन भावेश कोटक, मुकेश कोटक (परी), संदीप दोशी, खिलन सत्रा, मनीष रांभिया, धीरज मोरबिया, नितिन शेठ, विनोद वीरा और किशोर जोशी सहित समिति के सदस्यों की सेवाभावी मेहनत महत्वपूर्ण रही है। इस अवसर पर संजय शाह ने भावेश कोटक तथा पूरी टीम को ऐसे सेवाभावी और धार्मिक कार्य निरंतर करते रहने के लिए बधाई देते हुए कहा, “धर्म, जीवदया और समाजसेवा के ऐसे निरंतर कार्यों में हमारा सहयोग हमेशा बना रहेगा।”अटलांटिक प्लाजा के व्यापारियों, समिति के सदस्यों तथा चोवीहार का लाभ लेने वाले श्रद्धालुओं के सहयोग से यह सेवाकार्य लगातार विस्तार पा रहा है। पर्युषण महापर्व की आराधना को अधिक भावपूर्ण और सेवामय बनाने वाला यह चोवीहार हाउस जैन समाज के लिए पांचवें वर्ष में प्रवेश का एक सुंदर और प्रेरणादायी सेवाकार्य बन गया है।