Jaunpur News : चौकियां धाम में मां शीतला के कात्यायनी स्वरूप के दर्शन को उमड़े हजारों श्रद्धालु


भोर में चार बजे खुला मंदिर का कपाट, जयकारों से गूंजा धाम, सुरक्षा के लिए पुलिस और पीएसी तैनात


जौनपुर। पूर्वांचल की आस्था के प्रमुख केंद्र मां शीतला चौकियां धाम में शारदीय नवरात्र के छठवें दिन शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने मां शीतला के कात्यायनी स्वरूप का दर्शन-पूजन किया। सुबह से ही मंदिर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर माता रानी के दरबार में मत्था टेका और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। हवन-पूजन और माता रानी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।

शुक्रवार भोर में चार बजे मंदिर के कपाट खुलने के बाद पुजारी जयनारायण पंडा ने माता रानी का भव्य श्रृंगार किया और विधि-विधान से आरती-पूजन संपन्न कराया। इसके बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ। नवरात्र के छठवें दिन मां के कात्यायनी स्वरूप के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में भक्त धाम पहुंचे। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी झालरों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है, जिससे धाम की सुंदरता देखते ही बन रही है।

दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं ने अन्य मंदिरों में भी लगाई हाजिरी

मां शीतला के दर्शन-पूजन के बाद श्रद्धालु परिसर स्थित सत्यनारायण मंदिर, काल भैरवनाथ मंदिर, काली मंदिर और हनुमान मंदिर में भी दर्शन करने पहुंचे। नवरात्र के चलते मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता रानी से सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां दुर्गा के छठवें स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा शारदीय नवरात्र की षष्ठी तिथि को की जाती है। श्रीमद्देवी भागवत पुराण के अनुसार, मां कात्यायनी का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और स्वर्ण के समान चमकीला है। उनकी चार भुजाएं हैं। बाईं भुजाओं में कमल और तलवार तथा दाईं भुजाओं में अभय और वरद मुद्रा सुशोभित हैं। मां का यह स्वरूप शक्ति, साहस और कल्याण का प्रतीक माना जाता है।

शक्कर, गुड़ और शहद का भोग लगाने की मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, षष्ठी तिथि पर मां कात्यायनी को शक्कर, गुड़ और शहद का भोग अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि मां की आराधना से भय और कष्टों से मुक्ति मिलती है। जिन कन्याओं के विवाह में बाधा या देरी होती है, उनके लिए भी मां कात्यायनी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। श्रद्धालु मां की आराधना कर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति की कामना करते हैं।

मेला क्षेत्र में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात

नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और मेला क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और व्यवस्था सुचारु बनी रहे।

आजमगढ़ मार्ग से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए मंदिर से करीब 300 मीटर की दूरी पर पूर्वी मुख्य मार्ग की ओर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। वहीं, वाराणसी, शाहगंज, सुल्तानपुर और जौनपुर की ओर से आने वाले दर्शनार्थियों के वाहनों की पार्किंग पश्चिमी मुख्य मार्ग पर बड़ागर चौराहे के पास निर्धारित की गई है।

थानाध्यक्ष लाइन बाजार केके सिंह और शीतला चौकियां धाम चौकी प्रभारी राम प्रकाश यादव सहयोगी पुलिसकर्मियों के साथ मेला क्षेत्र में मौजूद रहे। पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा पर नजर बनाए हुए हैं। नवरात्र के छठवें दिन मां शीतला के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से पूरे चौकियां धाम में आस्था और भक्ति का माहौल बना रहा।
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