जफराबाद। नगर पंचायत जफराबाद क्षेत्र में इन दिनों डेंगू और तेज बुखार के बढ़ते मामलों से लोगों में दहशत का माहौल है। कस्बे के कई मोहल्लों में बड़ी संख्या में लोग बुखार की चपेट में हैं। स्थिति यह है कि कई घरों में पति-पत्नी और बच्चों समेत पूरा परिवार बीमार होकर चारपाई पर पड़ा है। निजी पैथोलॉजी केंद्रों की जांच में कुछ मरीजों में प्लेटलेट्स और डब्ल्यूबीसी कम होने की बात सामने आ रही है।
दर्जनों लोग बुखार की चपेट में
स्थानीय लोगों के अनुसार दरीबा निवासी गौरव गिरी, रसूलाबाद की पलक गुप्ता, हौज निवासी गीता देवी व कुसुम देवी, असलम कुरैशी, नसाही निवासी सिद्दीका बानो, सुरेखा, बांगर राजभर, मुस्कान, खुशी चौहान, प्राची पाल तथा नेपुरा निवासी जौहर वहीद अंसारी समेत कई लोग तेज बुखार से पीड़ित हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि इनमें कई मरीज डेंगू से पीड़ित हैं।
फॉगिंग और दवा छिड़काव को लेकर सवाल
नागरिकों का आरोप है कि वर्ष 2024 में भी जफराबाद में डेंगू का प्रकोप सामने आया था, लेकिन उससे नगर पंचायत ने कोई सबक नहीं लिया। इस बार भी कस्बे में नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव नहीं होने की शिकायत है। कई स्थानों पर नालियां गंदगी से बजबजा रही हैं और सड़कों के किनारे जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन रहा है। लोगों का कहना है कि समय रहते सफाई और मच्छररोधी अभियान नहीं चलाया गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
पीएचसी पर डॉक्टर की सीमित उपलब्धता
बढ़ते बुखार के मामलों के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जफराबाद में चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार पीएचसी पर तैनात चिकित्सक डॉ. धर्मेश पटेल की अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई है। इसके चलते वह सप्ताह में केवल एक दिन पीएचसी पर उपलब्ध हो पाते हैं। लोगों का कहना है कि कस्बे में बीमारी का प्रकोप बढ़ने के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र पर नियमित चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
निजी अस्पतालों का रुख करने को मजबूर
पीएचसी पर चिकित्सक की नियमित उपलब्धता नहीं होने से मरीजों को इलाज के लिए निजी अस्पतालों और चिकित्सकों का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी पर पूरे सप्ताह चिकित्सक की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है।
मेडिकल कैंप और फॉगिंग की मांग
जफराबाद के नागरिकों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि कस्बे के प्रभावित मोहल्लों में मेडिकल कैंप लगाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जांच और आवश्यक दवाओं की व्यवस्था की जाए। साथ ही नगर पंचायत द्वारा व्यापक स्तर पर सफाई, एंटी-लार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराई जाए। स्वास्थ्य विभाग से पीएचसी पर नियमित चिकित्सक की तैनाती सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।