Jaunpur : ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बना अवैध धन वसूली का अड्डा!

जौनपुर। भारत सरकार द्वारा प्रशिक्षित चालक को लाइसेंस निर्गत कराया जाएगा जिससे हो रही अवैध दलाली और वसूली पर अंकुश लग सके। इसके लिए प्रदेश के कई जनपदों में (dTI) ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर खोले गये। उसी क्रम जनपद में भी रामदयालगंज में खुला जहां पर अप्रशिक्षित चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से पहले प्रशिक्षण प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा। इसमें जाने वाले लोगों से पहले 3000 रु लेकर उन्हें प्रशिक्षण प्रमाण दे दिया जाता रहा है परंतु अब 3000 से बढ़कर 6000 लाइट वैकिल और हैवी लाइसेंस का 8000 कर दिया गया है। इसके कारण सेंटर पर आए विवाद हो रहा है जबकि केंद्र सरकार की ओर से इन्हें पैसा दिया जाता है। इस पर कहावत चरितार्थ होती हैं कि बड़े मियां बड़े मियां छोटे मियां सुभान अल्लाह, अभी तक नए ड्राइविंग लाइसेंस को पास करने के लिए अभ्यर्थी को 1000 अलग से देना होता था। मात्र अधिकारियों के हस्ताक्षर के नाम पर और अब dti पर 6000 रु देकर कोई भी व्यक्ति अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकता हैं। इससे यदि अनुमान लगाया जाए तो प्रतिदिन नए 100 लाइसेंस बनते हैं।
इस हिसाब से प्रतिदिन 100000 और प्रतिदिन लगभग 50 रिनिवल होते है जिससे प्रत्येक रिनिवल पर 500 तो 25000 और भी तमाम मद से वसूली की जाती है। फिर dti पर लगने वाले शुल्क में 50 प्रतिशत फीसदी भी ऑफ़िस में पहुंचता है। इतनी बड़ी हेराफेरी से जनता परेशान हैं। बताते चलें कि ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर के मुख्य ओनर अभय यादव हैं जो जनपद में ही नहीं, बल्कि प्रदेश के बाहर रहते हैं। पूरा कार्यभार कृष्णमूर्ति सिंह मैनेजर के रूप में कार्य करते हैं जिनके विरुद्ध कई बार लोगो से सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी और संभागीय परिवहन निरीक्षक से शिकायत किया गया परन्तु जवाबदार मौन है जिससे स्पष्ट होता है कि डीटीआई और विभाग की मिली भगत से लोगो का दोहन किया जा रहा है।
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