बाल विवाह रोकें,बेटियों का भविष्य संवारें कार्यक्रम हुई आयोजित
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से हुआ कार्यक्रम
ग्राम सभाओं में बाल विवाह रोकने का लिया गया संकल्प
केराकत, जौनपुर। स्थानीय क्षेत्र के राजपुर,ब्रह्माणपुर झमका,बेलहरी,छितौना, नदौली,बसगीत,अकबरपुर व सेनापुर ग्राम सभाओं में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था द्वारा बाल विवाह रोकें,बेटियों का भविष्य संवारें कार्यक्रम आयोजित हुई।यह कार्यक्रम जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से देशव्यापी "बाल विवाह मुक्त भारत" पहल के अंतर्गत चलाया जा गया,अभियान के दौरान ग्रामीणों से शपथ पत्र भरवाए गये जिसमें वे अपने समुदाय में बाल विवाह के विरुद्ध हर कदम उठाने, इसकी रिपोर्ट करने,बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने व बाल श्रम और बाल यौन शोषण सहित आदि शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने की प्रतिज्ञा दिलायी गई।इस बाबत संस्था के निदेशक संतोष पाण्डेय ने कहा कि प्रदेश के वाराणसी, प्रयागराज,भदोही, जौनपुर और मिर्जापुर जिलों के सभी ग्राम प्रधानों से जनहित में अपील किया जा रहा है कि वे अपनी-अपनी ग्राम सभाओं में बाल विवाह रोकने हेतु प्रस्ताव लेने का संकल्प लें क्योंकि बाल विवाह बच्चों,विशेषकर बेटियों के स्वास्थ्य,शिक्षा और सुरक्षित भविष्य को गहरी क्षति पहुंचाता है। इसे रोकना किसी एक संस्था या विभाग का नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।उन्होंने कहा कि ग्राम सभा गांव की सबसे सशक्त लोकतांत्रिक इकाई है,और यदि प्रधान एवं ग्रामवासी मिलकर संकल्प लें तो हर गांव को बाल विवाह से मुक्त बनाया जा सकता है।साथ ही कहा कि प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाना है और इसके लिए सभी ग्राम प्रधानों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षकों,अभिभावकों के साथ युवाओं का सहयोग आवश्यक है।